Tuesday, February 8, 2011

जय जय हे, सरस्वती माता !! JAI JAI HE SARASWATI MAATA...


वसंत पंचमी पर्व पर आप सभी मित्रजनों को सुर्यदीप की ओर से बधाई और यही कामना की माँ सरस्वती का ये रूप सदा आपके मन, चरित्र में वास करे:
जय जय हे, सरस्वती माता,  जय जय हे, सरस्वती माता !!
चन्द्रवदन पद्मासन सोहे, 
सन्मुख सदा विधाता, 
वैभव सद्गुण संग तिहारे,
त्रिभुवन रहे विख्याता ! जय जय हे, सरस्वती माता !! 
वीणा मधुर, वाम कर थामे,
वेद-प्रकाश, पुनीता, 
दक्षिण कर निष्ठा की माला, 
झंकृत सुर है सुहाता ! जय जय हे, सरस्वती माता !! 
शीश मुकुट, मणि सहित सुहावे, 
कंठ माल शुभ मुक्ता, 
स्वान चरण रज सदा बुहारे, 
दीप प्रजवल्लित रहता ! जय जय हे, सरस्वती माता !! 
ज्ञान सरोवर, मुख तेजोमय,
तम अज्ञान मिटाता,
सुर्यदीप मन रूप निछावर, 
सुखकारी गुण गाता ! जय जय हे, सरस्वती माता !!
सुर्यदीप "अंकित" त्रिपाठी - ०८/०२/२०११

4 comments:

  1. वर दे वीणावादिनी वर दे.
    बसंत पंचमी पर आपको हार्दिक शुभकामनाएँ...

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  2. माँ सरस्वती की भाव भरी अर्चना पढ़कर मन गद गद हो गया !
    माँ वाणी की कृपा हमेशा आप पर बनी रहे

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  3. धन्यवाद, सुशील जी, मर्मज्ञ जी...
    वसंत...की वासंती शुभकामनाएं...

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  4. जय माँ सरस्वती....शुभ कामनाए

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