Tuesday, December 21, 2010

रकीब !!!

3 comments:

  1. रकीब (दुश्मन) से ये इल्तजा है कि अब वो मुझसे दुश्मनी छोड़ दे,
    क्योंकि अब मेरे घर मेरा प्यार आया है, और मुझे उल्फत ही रास आनी है, नफरत नहीं.

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  2. यह कविता आपने शायद उप्रेती जी की वाल पर भी लगाई थी.
    काफी पसंद आई.

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  3. जी..हर्षवर्धन जी..
    धन्यवाद !!!

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